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डायनिंग टेबल पर मृत्युंजय की हरकत

जयपुर....

रॉय प्लेस के बहार कुछ गाड़ियां आकर रुकती हैं।

बीच गाड़ी में से एक आदमी निकलता है उसने ग्रे कलर का कोट पहना हुआ है और उस कार के दूसरे साइड।

से ek लड़की निकलती उसने पर्पल कलर का लॉन्ग व्हाइट फ्लावर प्रिंटिड वन पीस पहने हुए थी और फिर दोनों निकल कर अंदर जाने लगते हैं आलोक मिश्रा के पीछे उसका असिस्टेंट रोहित चल रहा था और आलोक के बगल में कायनात चल रही ।

बो लो अंदर जाते हैं तो वह पर पूछते ही कुछ लोग उनका स्वागत करते हैं तभी विक्रांत का PA किशोर आता है और आलोक से हाथ मिलते हुए बोला,"हेलो मिस्टर मिश्रा आप लोगों की मैंने रहने की सारी तैयारी कर दी आप लोगों के रहने की ।

""" तभी आलोक बोला,"ठीक लेकिन मिस्टर विक्रांत कहा है अभी तक आए नहीं हैं ,,,,, बो सर कुछ कम था इस लिए शाम तक या फिर जैसे ही उनका काम खत्म होता है बो आजाएंगे।,"किशोर ने कहा और फिर एक बार, कायनात को देखा जो विक्रांत के नाम आते ही उसके ।

चेहरे पर जो चमक बलि मुस्कान थी बो अब नहीं थी अब उसके चेहरे पर झूठी मुस्कान थी तभी किशोर बोला , मिस्टर मिश्रा चलिए आप लोगों का कमरा दिखा देता हूं में , इतना बोल कर ,,,,, बो उनके साथ जाने लगता है।

पहले आलोक का कमरा देखता है और रोहित का कमरा उसके बाद बो कायनात से,"मैम आपका कमरा सर ने सैकड़ फ्लोर पर तैयार कराया है वो चाहते हैं कि आपका कमरा उनके बगल बाला है।

फिर कायनात ऊपर अपने कमरे में जाती है और कमरा देखती है तो दंग हो जाती है उसे कमरा बिल्कुल उसके हिसाब से तैयार किया हुआ था जिसे उसे पसंद था व्हाइट और स्काई ब्ल्यू कलर के मैचिंग में बेड भी बिल्कुल उसके पसंद का राउंड शेप में,,,,, कायनात पूरे कमरे को चारों तरफ देखते हुए मन में बोली,"

""""चाहें आप कुछ भी करले मिस्टर डेविल,,,,,,, लेकिन आपको में माफ नहीं करूंगी ,,, एक तो अपने मुझे बताया भी नहीं कि आप यह जयपुर में आ रहे हो और ऊपर से जब भी में आपको फोन करती हूं तो नहीं उठते हो ..... हम्मम।

फिर बो फ्रेस होने चली जाती है कुछ देर बाद नहाकर बाथरूम से बाहर निकलती है उसने वाइट बाथरॉब पहने हुए था तभी उसके कमरे का दरवाजा खटखटाने की आवाज आती थी और फिर गेट खोलती है।

"""""सामने एक मैड खड़ी थी उसके पीछे कुछ और भी थी और उन सब के हाथ में बहुत सारे बैग ,,, बॉक्स,,,, और बहुत से सारे समान थे।

तभी कायनात उन्हें देख बोली,"आप लोगों यह,,,,, और ये सब सामान किस लिए। तभी उसमें से सामने खड़ी मैड ने बोली,"मैम ये सब सामान आपके लिए है ,,,,, और हमें सर ने आपको देने के लिए बोला है ,।

फिर कायनात उन्ह सब को अंदर आने के लिए बोलती और बो सब सामान रख कर जाने लगती तभी एक मैड बोली,"और सर ने कहा कि आज आप इन्हीं कपड़ों में से ही पहने,,,,, बो आपको इन्हीं कपड़ों में देखने चाहते हैं इतना बोल कर चली जाती ,।

कायनात वह रखे सारे कपड़ों को और सामन को देखती है फिर उसमें से एक लहंग निकला ब्राउन कलर का और से लेजके पहने लगी।

""""उसने उस लहंगे को पहने के बाद खुद को सामने सीसे में देखा ,,,,,, उसके ऊपर बो बहुत खिल रहा था बैकलेस ब्लाउस सिर्फ तीन डोरियां पर था एक हाथ अटैच कर दुपट्टा लिए हुए था ,,,,, लहंगा बल्कि दिखने में सिंपल लेकिन उसके ऊपर हल्की हल्की डायमंड की कड़ियों की गई थी ।

""""""कायनात ने चेहरे पर मेकअप के नाम पर सिर्फ होठों पर लिपग्लॉस लगाई थी और आंखों में काजल ,,,

और उसके होंठ के नीचे लेफ्ट साइड में जो तिल था बो और उसके चेहरे की रौनक बड़ा रहा था ।

अगर कोई उसे देख ले तो बिल्कुल उसका दीवान ही होजाएगा ,,,,।लेकिन किसी में इतनी हिम्मत नहींकी कोई उसे एक नजर उठा कर भी देखे,,,,,, उस पर उठने वाली नजर पहले ही निकाल दी जाती थी ।

बो तैयार हो कर नीचे जाती हैं हॉल में एक सोफे पर आलोक बैठा था और उसके सामने वाले सोफे पर मृत्युंजय और इंद्रजीत बैठा हुआ थे तभी उनकी नाराज सामने जाती है जहां कायनात नीचे आ रही थी।,,,,,

""""दिनों अपना काम कर रहे थे और आलोक अपना फोन में मैल चेक कर रहा था,,,, तभी मृत्युंजय और इंद्रजीत सामने देखते हैं तो उसे देखने लगते हैं ।

कायनात नीचे आती हैं तभी उसकी नजर सामने उन दोनों पर जाती हैं लेकिन बो कुछ नहीं बोलती है दोनों उसे देख इस्माइल कर रहे थे लेकिन कायनात के चेहरे पर कोई एक्सप्रेशन नहीं थे चुप चाप जाकर वह खड़ी हो जाती है तभी आलोक उसे देख बोला,"चलो अच्छा तुम आगी हम लोगों तुम्हारा ही इंतजार कर रहे थे ।

कायनात उसे देख बोली,"लेकिन क्यों पापा,,,,, क्या कोई काम था,,,,,, नहीं कोई काम नहीं था बस खाना खाने के लिए इंतजार कर रहे थे हम सब तुम्हारा ,"इंद्रजीत खड़ा होता हुआ बोला।

लेकिन उसकी बात सुनकर कायनात कुछ नहीं बोलती और, आलोक की तरफ देख कर बोली,"ठीक है पापा चलिए खाना खाते हैं इतना बोल कर जाने लगती हैं

इंद्रजीत उसका गुस्सा देख कर हल्की स्माइल आ जाती है वो उसके पीछे जाता है और बिना कुछ बोले पीछे से उसके कमर को पकड़ कर उसके कान के पास होंठ टिका कर बोला," जान,,,,, इतना गुस्सा होने की जरूरत नहीं है ,,,,,,, रात को सब ठीक कर देंगे हम ,,,,,, इतना बोल कर बिना उसकी बात सुनकर अपनी चेयर पर बैठ जाता है ।

कायनात को उसकी बात पर गुस्सा आता है लेकिन उसके पापा वहीं थे इस लिया वो कुछ नहीं बोलती और अपनी चेयर पर बैठ जाती है । मृत्युंजय उसकी बगल बलि चेयर पर बैठता है सब मिलकर खाना खाते है तभी कायनात को अपने जांघों पर मृत्युंजय का हाथ फिल होता हैं जो उसकी जांघों पर फिराते हुए उसकी इनर थाई तक पाउच गया था।

"""""""तभी कायनात की चीख निकली,"ahhhh.. तो आलोक अपना खाना खा रहा था बो उसे पूछता,"क्या हुआ कायु,,,,,,तुम चीखी क्यों,।

तभी कायनात मृत्युंजय को एक नजर देखती है और फिर उसकी तरफ देखकर बोली," कुछ नहीं पापा ,,,, बो खाना खाते वक्त जीभ दब गई थी इस लिए बस ,,,,,, अच्छा ठीक है लेकिन दियान से खाना खाओ।

कायनात अपना सिर हा में हिलाती है और वहीं उसकी बात सुनकर मृत्युंजय और इंद्रजीत के चेहरे पर खतरनाक मुस्कुराहट आ जाती है ,,,,, कायनात उसका हाथ अपने पैरों के बीच में निकलने लगती है लेकिन वो जितना भी कोशिश करती ,,,,, लेकिन मृत्युंजय की पकड़ मजबूत होती जा रही है।

आखिर में कायनात झट से खड़ी होती हैं और बोली,"मेरा खाना हो गया है में जा रही हूं ।,,,, इतना बोल कर वह से चली जाती है और वहीं उसे जाता हुआ देखकर मृत्युंजय और इंद्रजीत मुस्कुराने लगते हैं।

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बाय बाय बाय बाय बाय बाय

और हा प्लीज मेरी स्टोरी का एक चैप्टर पढ़कर मत छोड़ना क्योंकि आगे और चैप्टर रोमांस भर भर कर पड़ा है

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